Indian · Breakfast / Main · 12 बार परखी

मसाला दोसा

दक्षिण भारत का प्रतिष्ठित नाश्ता: चावल और दाल के प्राकृतिक रूप से खमीर उठे घोल से बना पतला, सुनहरा, करारा क्रेप, नरम मसालेदार आलू भरकर नारियल चटनी और सांभर के साथ परोसा जाता है। मसाला दोसा खमीर और तकनीक का कमाल है — करारापन अच्छे खमीर वाले घोल को गरम तवे पर पतला फैलाने से आता है — और कुरकुरे टुकड़े ठंडी चटनी और खट्टे सांभर में डुबोकर खाना एक आनंद है।

द्वारा Arjun Iyer · India editor · प्रकाशित 2026-06-03 · अपडेट 2026-06-03
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तैयारी
30 min
पकाना
30 min
आराम
10 h
कुल
660 min
बनाता है
about 8 dosas
कठिनाई
Medium
#indian#vegetarian#vegan#gluten-free#fermented
त्वरित उत्तर · 30 सेकंड का जवाब

चावल और उड़द दाल (थोड़ी मेथी के साथ) अलग-अलग भिगोएँ, फिर चिकना घोल पीसें और रातभर खमीर उठने दें जब तक फूला, बुलबुलेदार और हल्का खट्टा न हो जाए। आलू को राई, प्याज़, हल्दी, करी पत्ता और हरी मिर्च के साथ पकाकर मसाला बनाएँ। चपटा तवा गरम करें, बीच में एक कलछी घोल डालें और तेज़ी से बाहर की ओर सर्पिल में पतला गोल फैलाएँ, तेल/घी छिड़कें, और तले को गहरा सुनहरा व करारा होने तक सेकें। बीच में आलू मसाला की एक लकीर रखें, मोड़ें, और नारियल चटनी व सांभर के साथ परोसें।

  • घोल को (गरम जगह 8–12 घंटे) खमीर उठाएँ जब तक फूला और खट्टा न हो — यही दोसे को करारा और स्वादिष्ट बनाता है।
  • करारेपन के लिए घोल को ठीक से गरम तवे पर पतला फैलाएँ।
  • गरम-गरम नारियल चटनी और सांभर के साथ परोसें — यह तिकड़ी ही पूरा अनुभव है।

Equipment

  • मिक्सी/वेट ग्राइंडर
  • चपटा तवा या बड़ा नॉन-स्टिक पैन
  • कलछी

सामग्री

दोसा घोल

  • 300 ग्राम चावल (इडली/दोसा चावल)
  • 100 ग्राम उड़द दाल (छिलका रहित)
  • ¼ छोटा चम्मच मेथी दाना; नमक

आलू मसाला

  • 500 ग्राम आलू, उबले और मोटे मसले
  • 1 प्याज़, राई, हल्दी, करी पत्ता, हरी मिर्च, अदरक

परोसने के लिए

  • नारियल चटनी
  • सांभर (दाल-सब्ज़ी का रसा)
  • सेकने के लिए तेल या घी

विधि

  1. स्टेप
    01

    चावल एक बर्तन में और उड़द दाल मेथी के साथ दूसरे में, दोनों खूब पानी में 4–6 घंटे भिगोएँ।

  2. स्टेप
    02

    दाल को फूला, चिकना पेस्ट पीसें, फिर चावल को थोड़ा दरदरा; नमक के साथ मिलाकर बहने वाला घोल बनाएँ। ढककर गरम जगह 8–12 घंटे खमीर उठाएँ, जब तक फूला, बुलबुलेदार और हल्का खट्टा न हो।

  3. स्टेप
    03

    तेल में राई तड़काएँ, प्याज़, अदरक, हरी मिर्च, करी पत्ता और हल्दी डालें, फिर उबले आलू को थोड़े पानी और नमक के साथ मिलाकर नरम मसालेदार भरावन बनाएँ।

  4. स्टेप
    04

    चपटा तवा गरम करें (पानी छिड़कें — छन्न से उड़े)। बीच में एक कलछी घोल डालें और कलछी की पेंदी से तेज़ी से बाहर की ओर सर्पिल में पतला गोल फैलाएँ। किनारों पर तेल/घी छिड़कें।

  5. स्टेप
    05

    तला गहरा सुनहरा व करारा होने और किनारे उठने तक सेकें। बीच में आलू मसाला की लकीर रखें, दोसे को उस पर मोड़ें, और तुरंत नारियल चटनी व सांभर के साथ परोसें।

Make ahead

घोल तो पहले से ही बनाना पड़ता है (रातभर खमीर), और कई दिन फ्रिज में चलता है — तो दोसा 'घोल तैयार' नाश्ता बढ़िया है। मसाला, चटनी और सांभर भी पहले बना लें। दोसे करारेपन के लिए ताज़ा सेकें।

Storage

दोसे ताज़ा, करारे ही खाएँ। खमीर वाला घोल फ्रिज में 3–4 दिन चलता है (और खट्टा होता रहता है — इस्तेमाल से पहले थोड़े पानी से पतला कर नमक ठीक करें)। आलू मसाला 2 दिन। चटनी ताज़ा सबसे अच्छी; सांभर रखता और जमता अच्छा है।

Variations

सादा दोसा

बिना भरावन के सादा करारा दोसा, चटनी और सांभर के साथ।

रवा दोसा

सूजी और चावल आटे के घोल से झटपट, बिना खमीर वाला जालीदार दोसा।

मैसूर मसाला

आलू से पहले अंदर तीखी लाल चटनी की परत लगाकर मैसूर मसाला दोसा।

Serve with

नारियल चटनीसांभरटमाटर या धनिया चटनीफ़िल्टर कॉफ़ी

Nutrition per serving

380 kcal 10 g fat 64 g carbs 10 g protein 3 g sugar 5 g fiber 620 mg sodium
Diet: Vegan, Vegetarian, Gluten-free, Dairy-free

Nutrition values are estimates based on the metric measurements. Adjust as needed.

अक्सर पूछे जाने वाले

दोसा घोल को खमीर क्यों चाहिए?

खमीर (दाल और हवा के प्राकृतिक यीस्ट-बैक्टीरिया से) घोल को फुलाता है और विशिष्ट खट्टा स्वाद व वह संरचना देता है जिससे दोसा करारा बनता है। अच्छा खमीर वाला घोल फूलता है, बुलबुलेदार होता है और सुहावना खट्टा महकता है। कम खमीर से सघन, चपटे, कम करारे दोसे बनते हैं। गर्मी इसे तेज़ करती है; ठंडी रसोई में ज़्यादा समय लगता है।

कौन से चावल और दाल इस्तेमाल करूँ?

परंपरागत रूप से इडली/दोसा चावल (उसना छोटा दाना) और उड़द दाल (छिलका रहित), लगभग 3:1 या 4:1 चावल-दाल अनुपात में, थोड़े मेथी दाने के साथ जो खमीर और रंग में मदद करते हैं। उड़द दाल खमीर के लिए प्रोटीन और संरचना देती है; चावल करारापन। इन्हें सही बनावट में पीसना मायने रखता है।

दोसा करारा कैसे बनाऊँ?

तीन बातें: ठीक से खमीर वाला घोल, गरम तवे पर पतला फैलाना, और पर्याप्त आँच के साथ थोड़ा तेल/घी। तवा इतना गरम हो कि पानी की छींट छन्न से उड़े। घोल तेज़ी से पतला सर्पिल में फैलाएँ, और तले को बिना छेड़े गहरा सुनहरा व करारा होने तक सेकें। अच्छी सीज़न की हुई लोहे की तवी बहुत मदद करती है।

क्या दोसा ग्लूटेन-फ्री और वीगन है?

हाँ — परंपरागत दोसा सिर्फ़ चावल और दाल से बनता है, तो प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री और (घी की जगह तेल में सेकने पर) वीगन है। आलू मसाला भी पौधा-आधारित है, नारियल चटनी भी। बस तवे पर और मसाले में घी की जगह तेल इस्तेमाल करें ताकि पूरी तरह वीगन रहे।

मसाला दोसा के साथ क्या परोसते हैं?

क्लासिक तिकड़ी: नारियल चटनी (ठंडी और मलाईदार), सांभर (खट्टा, मसालेदार दाल-सब्ज़ी का रसा डुबोने के लिए), और दोसा खुद मसालेदार आलू में लिपटा। दूसरी चटनियाँ (टमाटर, धनिया) भी अक्सर साथ। करारे टुकड़े तोड़कर चटनी और सांभर में डुबोते हैं — और अंत में दक्षिण भारतीय फ़िल्टर कॉफ़ी।

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