इडली
दक्षिण भारत जिसके साथ जागता है वह बादल-सी मुलायम भाप वाली टिकिया: चावल और छिलका उतरी उड़द दाल का घोल पीसकर, रातभर खमीर उठाकर फुलाया जाता, फिर छोटे गोल साँचों में भाप में पकाया जाता है जब तक हल्का और स्पंजी न हो जाए। इडली सबसे सेहतमंद नाश्तों में है — तला नहीं, भाप में पका, और खमीर से स्वाभाविक रूप से प्रोबायोटिक — गरमागरम नारियल चटनी और सांभर के साथ डुबोकर खाया जाता। हल्का, फूला और अंतहीन सुकून देने वाला, यह तमिलनाडु से कर्नाटक तक मुख्य भोजन है।
इडली चावल (या उसना चावल) और छिलका उतरी उड़द दाल को थोड़ी मेथी के साथ अलग-अलग कई घंटे भिगोएँ। थोड़े भिगोने के पानी से इन्हें मुलायम, गाढ़े घोल में पीसें — खासकर उड़द दाल फूली और हवादार होनी चाहिए — फिर नमक के साथ मिलाएँ। घोल को गरम जगह रातभर (8–12 घंटे) खमीर उठने दें जब तक दोगुना, बुलबुलेदार और हल्का खट्टा न हो जाए; यही उठान इडली को मुलायम बनाती है। चिकने इडली साँचों में घोल डालें और करीब 10–12 मिनट भाप में पकाएँ जब तक सलाई साफ़ न निकले और वे फूली-स्पंजी हो जाएँ। नारियल चटनी और सांभर के साथ गरमागरम परोसें।
- उड़द दाल को हल्का और हवादार होने तक पीसें — यही हवा फँसाकर इडली को फूला बनाता है।
- गरम जगह तब तक खमीर उठाएँ जब घोल दोगुना और बुलबुलेदार हो जाए (8–12 घंटे) — खमीर ज़रूरी है।
- भाप में पकाएँ, ज़्यादा न पकाएँ, और नारियल चटनी व सांभर के साथ ताज़ा-गरम परोसें।
Equipment
- गीला ग्राइंडर या ब्लेंडर
- इडली साँचे / स्टीमर
- बड़ा बर्तन (खमीर के लिए)
सामग्री
घोल
- 300 ग्राम इडली चावल या उसना चावल
- 150 ग्राम छिलका उतरी उड़द दाल
- ½ छोटा चम्मच मेथी दाना; नमक
परोसने के लिए
- नारियल चटनी
- सांभर (दाल-सब्ज़ी का रसा)
विधि
- स्टेप01
चावल एक बर्तन में और उड़द दाल मेथी के साथ दूसरे में, खूब पानी में 4–6 घंटे भिगोएँ।
- स्टेप02
उड़द दाल को मुलायम, खूब फूली, हवादार पेस्ट में पीसें, ज़रूरत अनुसार थोड़ा भिगोने का पानी डालकर। चावल को हल्का दरदरा-मुलायम पीसें। दोनों को बड़े बर्तन में नमक के साथ हाथ से अच्छी तरह मिलाएँ। घोल गाढ़ा पर डालने लायक हो।
- स्टेप03
ढककर घोल को गरम जगह 8–12 घंटे (रातभर) खमीर उठने दें, जब तक वह आकार में दोगुना, बुलबुलों से भरा और हल्का खट्टा न हो जाए। यही उठान इडली को उसकी मुलायम, स्पंजी बनावट देती है।
- स्टेप04
उठे घोल को हल्के से चलाएँ। इडली साँचों को चिकना करके घोल भरें। उबलते पानी पर करीब 10–12 मिनट भाप दें, जब तक फूली और सलाई साफ़ न निकले। ज़्यादा भाप न दें वरना सूख जाती हैं।
- स्टेप05
इडली को एक-दो मिनट टिकने दें, फिर हर एक के चारों ओर गीला चम्मच घुमाकर निकालें। नारियल चटनी और सांभर के कटोरे के साथ गरमागरम डुबोने के लिए परोसें।
Make ahead
इडली बनी ही आगे की तैयारी पर है: घोल को रातभर खमीर उठाना ज़रूरी है, और फिर वह कई दिन फ्रिज में चलता है, तो बड़ा बैच पीसकर कई सुबह ताज़ी इडली भाप दे सकते हैं। परोसने से ठीक पहले भाप दें ताकि सबसे मुलायम रहे। चटनी और सांभर भी पहले बना सकते हैं। यही आगे-तैयार घोल इडली को इतना व्यावहारिक रोज़मर्रा का नाश्ता बनाता है।
Storage
खमीर उठा इडली घोल फ्रिज में 4–5 दिन चलता है (ठंडा होने पर धीमा हो जाता) — पकाने से पहले कमरे के तापमान पर लाएँ और ज़्यादा न चलाएँ। पकी इडली ताज़ा-गरम सबसे अच्छी, पर एक दिन फ्रिज में रहती हैं; फिर से भाप देकर मुलायम कर लें। बची इडली 'इडली फ्राई' या झटपट तड़के वाले व्यंजन में बढ़िया। खमीर उठे घोल को कमरे के तापमान पर ज़्यादा न छोड़ें वरना बहुत खट्टा हो जाता।
Variations
रवा इडली
सूजी और दही से बना झटपट संस्करण, बिना खमीर के।
मसाला / भरवाँ इडली
घोल में तड़का, सब्ज़ियाँ या भरावन डालकर स्वादिष्ट इडली।
बची इडली से
बासी इडली को राई, करी पत्ता और मिर्च के साथ भूनकर इडली फ्राई / पोडी इडली।
Serve with
Nutrition per serving
Nutrition values are estimates based on the metric measurements. Adjust as needed.
अक्सर पूछे जाने वाले
इडली क्या है?
इडली दक्षिण भारत की मुलायम, फूली भाप वाली टिकिया है, जो चावल और छिलका उतरी उड़द दाल के खमीर उठे घोल से बनती है। घोल पीसकर, रातभर खमीर उठाकर, छोटे गोल साँचों में भाप दिया जाता है। यह पूरे दक्षिण भारत व श्रीलंका में बेहद लोकप्रिय नाश्ता है, नारियल चटनी और सांभर के साथ गरमागरम परोसा जाता। भाप में पकी और खमीर उठी (तली नहीं) होने से यह हल्की, सुपाच्य और सबसे सेहतमंद नाश्तों में मानी जाती है।
मेरी इडली क्यों नहीं उठती / सख़्त क्यों?
मुलायम इडली दो बातों पर निर्भर: अच्छी तरह पिसा, हवादार उड़द दाल घोल (जो हवा फँसाता) और सही रातभर खमीर (जो उठान देता)। अगर इडली घनी या सख़्त है, तो शायद घोल पर्याप्त खमीर नहीं उठा — इसे गरम जगह और 8–12 घंटे चाहिए जब तक दोगुना और बुलबुलेदार हो — या उड़द दाल काफ़ी फूली नहीं पिसी, या उठे घोल को ज़्यादा चलाकर हवा निकाल दी। ठंडा मौसम खमीर धीमा करता, तो गरम जगह (जैसे ओवन में लाइट जलाकर) रखें।
कौन से चावल और दाल इस्तेमाल करें?
क्लासिक मेल है इडली चावल (छोटा दाना उसना चावल) या साधारण उसना चावल, छिलका उतरी उड़द दाल के साथ। आम अनुपात करीब 2 से 3 भाग चावल और 1 भाग उड़द दाल, साथ थोड़ी मेथी जो खमीर और स्वाद में मदद करती। उड़द दाल ही इडली को उठान देती, तो कंजूसी न करें न हवादार पीसना छोड़ें। कुछ लोग मुट्ठीभर पोहा डालते या चावल की जगह इडली रवा इस्तेमाल करते हैं।
क्या खास इडली स्टीमर चाहिए?
इडली साँचे (उथले गोलों वाली ट्रे) स्टीमर में रखकर क्लासिक आकार और एकसार भाप देते हैं, और सस्ते हैं। पर ज़रूरी नहीं — आप किसी भी छोटे चिकने कप, रैमकिन या उथली थाली में, ढके बर्तन या स्टीमर में उबलते पानी पर समय समायोजित कर भाप दे सकते हैं। मुख्य है हल्की भाप और ज़्यादा न पकाना। प्रेशर कुकर (बिना सीटी के) या उसमें इडली स्टैंड भी चलता है।
क्या इडली सेहतमंद है और क्या यह वीगन है?
इडली सबसे सेहतमंद नाश्तों में मानी जाती: यह तली नहीं भाप में पकी, कम वसा वाली है, और रातभर का खमीर इसे सुपाच्य बनाकर लाभकारी प्रोबायोटिक देता और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाता है। यह स्वाभाविक रूप से वीगन और ग्लूटेन-फ्री है, सिर्फ़ चावल, उड़द दाल और नमक से बनी। सांभर (दाल-सब्ज़ी) और चटनी के साथ यह संतुलित, हल्का और पौष्टिक भोजन है जो पेट पर हल्का बैठता है।
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